वार्षिक महासभा • १५ जनवरी २०२६ • जोधपुर • पंजीकरण प्रारम्भपंजीकरण
मुख्य पृष्ठ/About
परिचय

अखिल भारतीय समाज

राव सिरदार वंश की केंद्रीय संस्था — १९७८ में स्थापित, १९८२ में धर्मार्थ न्यास के रूप में पंजीकृत।

हमारा उद्देश्य

अखिल भारतीय राव सिरदार समाज एक विस्तीर्ण वंश की केंद्रीय संस्था है — भारत एवं प्रवास में फैले सैनिक, विद्वान एवं गृहस्थ। हम सम्मेलनों का संयोजन तथा शौर्य, विद्या, धर्म एवं सेवा — इन चार स्तम्भों का निर्वाह करते हैं।

१९७८ में स्थापित एवं १९८२ में धर्मार्थ न्यास के रूप में पंजीकृत, समाज एक निर्वाचित केंद्रीय समिति तथा चौबीस क्षेत्रीय इकाइयों द्वारा संचालित है। सदस्यता वंशानुगत एवं स्थानीय इकाई द्वारा प्रमाणित।

चार स्तम्भ

शौर्य

क्षत्रिय-धर्म की पैतृक साधना — निर्भय कर्तव्य, निःस्वार्थ सेवा। हमारे सम्मेलनों में सुरक्षित, विभूतियों के चरित्रों में सम्मानित।

विद्या

विद्या-निधि छात्रवृत्ति समाज के बच्चों को विद्यालय, महाविद्यालय एवं शोध में सहायता देती है। छात्रवृत्ति-सूची प्रतिवर्ष पत्रिका में प्रकाशित।

धर्म

कुलदेवी यात्रा, मन्दिर-न्यास जीर्णोद्धार एवं पैतृक गाँवों के संस्कार — समाज द्वारा संरक्षित, जिससे आगामी पीढ़ी अखण्डित परम्परा प्राप्त करे।

सेवा

कल्याण-कोष चिकित्सा, संकट-सहायता तथा समाज की विधवाओं एवं वृद्धों को सहायता प्रदान करता है। प्रत्येक रुपया वार्षिक प्रतिवेदन में अंकित।

शासन

केंद्रीय समिति

अध्यक्ष
ठाकुर — नाम प्रतीक्षित
जोधपुर
महासचिव
राव — नाम प्रतीक्षित
जयपुर
कोषाध्यक्ष
कुँवर — नाम प्रतीक्षित
बीकानेर
पत्रिका सम्पादक
विदुषी — नाम प्रतीक्षित
उदयपुर

त्रैवार्षिक चुनाव वार्षिक महासभा में होते हैं। चौबीस क्षेत्रीय संयोजक साधारण परिषद् में सम्मिलित।

सदस्यता

समाज-सूची में सम्मिलित हों

  1. वंश
    सदस्यता राव सिरदार वंश के प्रमाणित गोत्र से होती है।
  2. प्रस्तावक
    एक वर्तमान सदस्य द्वारा प्रस्ताव, क्षेत्रीय इकाई द्वारा प्रमाणित।
  3. बही-अंकन
    केंद्रीय बही तथा पत्रिका-सूची में अंकन।
आरम्भ

अपना गोत्र एवं प्रस्तावक सहित कार्यालय को लिखें।

जोधपुर का केंद्रीय कार्यालय नई सदस्यताओं का दो सप्ताह में निपटारा करता है। प्रथम पंजीकरण निःशुल्क; वार्षिक पत्रिका-सदस्यता अलग।