महासभा २०२६ — पंजीकरण प्रारम्भ
वार्षिक महासभा १५ जनवरी २०२६ को जोधपुर में संपन्न होगी। सभी गोत्र-प्रमुख कृपया उपस्थिति की पुष्टि करें।

शतकों के साहस, मारवाड़ की पुण्य भूमि, और सेवा, विद्वत्ता व सम्मान की जीवंत परम्परा से बँधा हुआ एक समाज।
राव सिरदार वंश का मूल राजपूताना के वीर क्षत्रिय कुलों से जुड़ा है — जो दुर्ग, मंदिर और वचन के रक्षक रहे। पीढ़ियों से हमारे पूर्वज मारवाड़, मेवाड़ और शेखावाटी के राजदरबारों में सेनापति, राजनयिक और कला के आश्रयदाता रहे हैं।
समिति द्वारा अभिलेख संकलित होते ही — संस्थापक जागीर, युद्ध, मंदिर निर्माण और धर्म रक्षा की पूर्ण गाथा इस पृष्ठ पर अंकित की जायेगी।
वीर, विद्वान, कवि एवं राष्ट्रसेवक — जिनके नाम हर घर के चूल्हे तक पहुँचे।
संस्थापक पूर्वज का विवरण। जागीर, युद्ध, उपलब्धियाँ — समिति द्वारा पुष्टि प्रतीक्षित।
मारवाड़ दरबार के राजनयिक का विवरण। अभिलेखीय पुष्टि प्रतीक्षित।
कुल के विद्वान-कवि। रचनाएँ, शिष्य, आश्रय।
स्वदेशी आंदोलन तथा भारतीय सेना में हमारे योगदान का विवरण।
सम्मेलनों, यात्राओं और समाज के जीवन के क्षण।
समिति सूचना, शोक संदेश, अभिनन्दन एवं समाज की गतिविधियाँ।
वार्षिक महासभा १५ जनवरी २०२६ को जोधपुर में संपन्न होगी। सभी गोत्र-प्रमुख कृपया उपस्थिति की पुष्टि करें।
समाज के सदस्य को प्राप्त नागरिक सम्मान पर संक्षिप्त टिप्पणी।
संशोधित संविधान का प्रारूप परिचालित किया गया है। माह-अंत तक सदस्यों से सुझाव आमंत्रित हैं।
सम्मेलन, यात्राएँ एवं सांस्कृतिक संध्याएँ — भारत भर में।
सदस्यों को नगर, गोत्र अथवा पैतृक ग्राम अनुसार खोजें।
राव सिरदार समाज की त्रैमासिक पत्रिका — निबन्ध, वंशावली, काव्य एवं समाचार।